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वाणी पर नियंत्रण रखें

“वाणी पर नियंत्रण रखें”- एक बार एक बूढ़े आदमी ने अफवाह फैलाई कि उसके पड़ोस में रहने वाला नौजवान चोर है l यह बात दूर – दूर तक फैल गई आस – पास के लोग उस नौजवान से बचने लगे l नौजवान परेशान हो गया कोई उस पर विश्वास ही नहीं करता था l तभी … Continue reading →

जिंदगी

एक नगर में एक मशहूर चित्रकार रहता था । चित्रकार ने एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनाई और उसे नगर के चौराहे मे लगा दिया और नीचे लिख दिया कि जिस किसी को , जहाँ भी इस में कमी नजर आये वह वहाँ निशान लगा दे । जब उसने शाम को तस्वीर देखी उसकी पूरी तस्वीर … Continue reading →

एक पान वाला

एक पान वाला था। जब भी पान खाने जाओ ऐसा लगता कि वह हमारा ही रास्ता देख रहा हो। हर विषय पर बात करने में उसे बड़ा मज़ा आता। कई बार उसे कहा की भाई देर हो जाती है जल्दी पान लगा दिया करो पर उसकी बात ख़त्म ही नही होती। एक दिन अचानक कर्म … Continue reading →

तकलीफ का स्वाद

एक बादशाह अपने कुत्ते के साथ नाव में यात्रा कर रहा था । उस नाव में अन्य यात्रियों के साथ एक दार्शनिक भी था । . कुत्ते ने कभी नौका में सफर नहीं किया था, इसलिए वह अपने को सहज महसूस नहीं कर पा रहा था । वह उछल-कूद कर रहा था और किसी को … Continue reading →

challenges accept करिये

जापान में हमेशा से ही मछलियाँ खाने का एक ज़रुरी हिस्सा रही हैं । और ये जितनी ताज़ी होतीं हैँ लोग उसे उतना ही पसंद करते हैं । लेकिन जापान के तटों के आस-पास इतनी मछलियाँ नहीं होतीं की उनसे लोगोँ की डिमांड पूरी की जा सके । नतीजतन मछुआरों को दूर समुंद्र में जाकर … Continue reading →

पिंजरे का तोता

एक समय की बात हैं, एक सेठ और सेठानी रोज सत्संग में जाते थे। सेठजी के एक घर एक पिंजरे में तोता पाला हुआ था। तोता रोज सेठ-सेठानी को बाहर जाते देख एक दिन पूछता हैं कि सेठजी आप रोज कहाँ जाते है। सेठजी बोले कि भाई सत्संग में ज्ञान सुनने जाते है। तोता कहता … Continue reading →

प्रार्थना का प्रभाव

यह घटना बरोडा के एक वरिष्ठ डॉक्टर की आपबीती है जिसने उनका जीवन बदल दिया। वह heart specialist हैं।उनके अनुसार: एक दिन मेरे पास एक दंपति अपनी छः साल की बच्ची को लेकर आए।निरिक्षण के बाद पता चला कि उसके heart में पूर्ण रूप से clogging हो चुकी है।मैंने अपनी पूरीteam से discuss करने के … Continue reading →

२५२ वैष्णवो की वार्ता -श्रीगुसांईजी के सेवक श्यामदास विरक्त की वार्ता

श्रीगुसांईजी के सेवक श्यामदास विरक्त की वार्ता विरक्त श्यामदास के ऊपर श्रीगुसांईजी की पूर्ण कृपा थी| उनको श्रीठाकुरजी अनुभव जानते थे| एक दिन लालदास ब्राह्मण श्रीगुसांईजी का सेवक बना और उसने विनती की – “महाराज,में कैसे करुँ? मेरा चित्त स्थिर नहीं रहता है|” श्रीगुसांईजी ने कहा – “तुम एक वर्ष तक श्यामदास का सत्संग करो|” … Continue reading →

तुलसी कौन थी?

तुलसी(पौधा) पूर्व जन्म मे एक लड़की थी जिस का नाम वृंदा था, राक्षस कुल में उसका जन्म हुआ था बचपन से ही भगवान विष्णु की भक्त थी.बड़े ही प्रेम से भगवान की सेवा, पूजा किया करती थी.जब वह बड़ी हुई तो उनका विवाह राक्षस कुल में दानव राज जलंधर से हो गया। जलंधर समुद्र से … Continue reading →

माँ

आधी रात को बहुत बारिश हो रही थी। Karan और उसकी बीवी swati एक मित्र की पार्टी से अपनी गाडी से घर वापस लौट रहे थे.. बारिश की वजह से karan बहुत धीमी गति से गाड़ी चला रहा था, तभी अचानक बिजली गिरी.. बिजली की रोशनी में अजय को गाड़ी के सामने एक बदहवास सी … Continue reading →

संवेदनशील बनें

मोहन काका डाक विभाग के कर्मचारी थे। बरसों से वे माधोपुर और आस पास के गाँव में चिट्ठियां बांटने का काम करते थे। एक दिन उन्हें एक चिट्ठी मिली, पता माधोपुर के करीब का ही था लेकिन आज से पहले उन्होंने उस पते पर कोई चिट्ठी नहीं पहुंचाई थी। रोज की तरह आज भी उन्होंने … Continue reading →

सकारात्मक सोच ही हमे अपनी मंजिल तक अवश्य ही पहुँचाती है.

एक राजा के पास कई हाथी थे, लेकिन एक हाथी बहुत शक्तिशाली था, बहुत आज्ञाकारी, समझदार व युद्ध-कौशल में निपुण था। बहुत से युद्धों में वह भेजा गया था और वह राजा को विजय दिलाकर वापस लौटा था, इसलिए वह महाराज का सबसे प्रिय हाथी था। समय गुजरता गया … और एक समय ऐसा भी … Continue reading →

एक जय श्री कृष्ण का कमाल

ये कहानी इक ऐसे व्यक्ति की है जो एक फ्रीजर प्लांट में काम करता था । वह दिन का अंतिम समय था व् सभी घर जाने को तैयार थे तभी प्लांट में एक तकनीकी समस्या उत्पन्न हो गयी और वह उसे दूर करने में जुट गया । जब तक वह कार्य पूरा करता तब तक … Continue reading →

नचिकेताकी साधनाका वर्णन, जब यमराजसे उन्होंने आत्मविद्याका ज्ञान प्राप्त किया….

छुरे की धार पर नचिकेता चलेगा… आर्य श्रेष्ठ! आचार्य मही ने यम से विनीत निवेदन किया- नचिकेता कुमार ही तो है, उसके साथ इतनी कठोरता मुझसे देखी नहीं जाती। दस माह बीत गये नचिकेता ने गौ-दधि और जौ की सूखी रोटियों के अतिरिक्त कुछ खाया नहीं, अन्य स्नातक और स्वयं मेरे बच्चे भी रस युक्त, … Continue reading →